कोरोना वायरस क्या है, ओर कोरोना वायरस से बचने के लिए क्या उपाय हैं

कोरोनो वायरस क्या है? इससे दूर रहने की रणनीति क्या है? कोरोना के लक्षण क्या हैं? अधिकांश आप ऐसे कई सवालों से निपट रहे हैं। अभी हाल ही में, कोरोना वायरस के कहर ने दुनिया भर में खौफ का माहौल बना दिया है। कोरोनावायरस, जो चीन में शुरू हुआ था, अब 180 से अधिक राष्ट्रों में संधि कर लिया गया है। जबकि यह पूरी तरह से नया वायरस है, थेरेपी तैयार नहीं हुई है। कोरोना वायरस क्या है

ऐसे परिदृश्य में, चेतावनी सिद्धांत और एकमात्र दृष्टिकोण प्रतीत होता है जो हमें इस भयानक बीमारी से दूर रख सकता है। इस वेब साइट पर, आप कोरोना वायरस से जुड़ा पूरा डेटा प्राप्त करने जा रहे हैं। इस नए वायरस का प्रकोप सबसे पहले चीन के वुहान में 31 दिसंबर 2019 को हुआ था। इस वायरस का शीर्षक उपन्यास कोरोनावायरस (2019-nCoV) है।

डब्ल्यूएचओ (वर्ल्ड वेल ग्रुप) WHO (World Health Organization) अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों, सरकारों और विभिन्न साथियों के साथ पूरी तरह से काम कर रहा है ताकि इस नए वायरस के बारे में अधिक जानकारी मिल सके और इसे जल्दी से संभाला जा सके। । इसी समय, यह आमतौर पर सभी राष्ट्रों और लोगों को जागरूक करने के लिए काम कर रहा है ताकि इस वायरस को सही दृष्टिकोण में फैलने से रोका जा सके। इसलिए मेरा मानना ​​था कि, आपको कोरोनावायरस के बारे में विवरण क्यों दिया जाना चाहिए ताकि आपको बाद में किसी और से इसके बारे में पूछना न पड़े और इसके अलावा आप दोपहर के भीतर भी आपको सचेत कर सकें।

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कोरोना वायरस क्या है

कोरोना वायरस का एक घर है जो स्तनधारियों (पक्षियों) और पक्षियों में बहुत भयानक बीमारियों को उजागर करता है। एक ही समय में, ये हवाई बूंदों के माध्यम से लोगों को फैलाना शुरू कर चुके हैं, जो कि दूषित लोगों द्वारा उत्पादित होते हैं। एक बहुत नई प्रजाति, जिसका नाम 2019 उपन्यास कोरोनावायरस है, ने चीन से श्वसन संबंधी बीमारी शुरू कर दी है।

कोरोना वायरस का प्रभाव व्यक्तियों के दिमाग के भीतर बहुत चिंता पैदा कर रहा है। वुहान कोरोनावायरस (2019-nCoV) के साथ मिलकर कुछ बहुत ही असामान्य लेकिन उल्लेखनीय उपभेदों, व्यक्तियों में चरम तीव्र श्वसन सिंड्रोम (SARS) और केंद्र पूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS) के बराबर बीमारियों को ट्रिगर करने के लिए उन्हें ट्रिगर करते हैं। इसके अतिरिक्त यह लोगों को मार रहा है

कोरोना वायरस का इतिहास

कोरोनावायरस का इतिहास काफी पुराना है। इसकी शुरुवात सन 1960 से हुई थी। कोरोनावायरस का नाम उसके विशिष्ट कोरोना या ‘क्राउन मान के तरह दृश्यमान शर्करा-प्रोटीन से मिला है, जो की परियोजना करता है एक लिफाफे की तरह जिसके आसपास वह भी कण के चारों ओर और। इस वायरस की मेक-अप की एन्कोडिंग सबसे लम्बी जीनोम है, किसी भी आरएनए-आधारित वायरस की तुलना में – एक एकल स्ट्रैंड की न्यूक्लिक एसिड लगभग 26,000 से लेकर 32,000 बेसिस एलबी होता है। अभीतक कोरोनावायरस भारत में नहीं पाया गया है। कोरोना वायरस क्या है

Coronavirus Genuses के प्रकार

इस कोरोनावायरस जीनस के परिवार में मुख्य रूप से चार जीनस शामिल हैं। इस कोरोनावायरस वायरसस परिवार की बात करें तो इसमें शामिल है अल्फ़कोरोनोवायरस, बेटाकोरोनवायरस, गैमकोरोनोवायरस और डेल्टाकोरोनवायरस।

इसमें पहले दो ही संक्रमित हैं स्तनधारी, जिनमें शामिल हैं ग्लैडड, शियर, बिल्ली और इन्सान भी। Gammacoronavirus मुख्य रूप से संक्रामक करता है एहसानों की तरह की की मुर्गी, वहीँ Deltacoronavirus infect करता है दोनों पक्षों को और स्तनधारियों को भी।

2019 नोवेल कोरोनावायरस के फैलने का कारण क्या है?

वैसे तो इस वायरस के फैलने का कोई ठोश जानकारी उपबलदा नहीं है, लेकिन कुछ स्रोतों से बात सामने आई है की 2019 उपन्यास कोरोनवायरस, जिसे की 2019-nCoV भी कहा जाता है, ये एक इन्सान से दुसरे हिस्से में है। वहीँ इस बारे में पुख्ता जानकारी अभी भी मेह्जुद नहीं है। कोरोना वायरस क्या है

30 जनवरी 2020 को, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पूरी तरह से दुनिभर में ये ऐलान कर दिया है की 2019 उपन्यास कोरोनावायरस की प्रकोप एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल है सभी इंसानों के लिए।

कोरोना वायरस के लक्षण

कोरोनवीरस के लक्षणों के बारे में बहुत ही जरुरी जानना क्यूंकि इसके बावजूद आप सही रोग पता लगा सकते हैं। वहीँ इस बीमारी के लक्षण हम इंसानों में और जानवरों में अलग अलग होते हैं।

इंसानों की बात करें तो, 2019 उपन्यास कोरोनवायरस मुख्य रूप से वायरल निमोनिया पैदा करता है, जिसके लक्षणों के बारे में नीचे लिखा गया है:

  • खांसी या कफ
  • बुखार या बुखार होना
  • सांस लेने में तकलीफ
  • कुछ दुर्लभ मामलों में, रोगी को गंभीर श्वसन समस्याएं (सांस लेने की तकलीफ), गुर्दे की विफलता या मृत्यु भी हो सकती है।

अगर आपने खुद में या किसी दुसरे इन्सान में ये लक्षण देखें हैं जो की हाल फिलहाल वुहान, चीन के साथ हुआ है पिछले 14 दिनों के भीतर, तो ऐसे में आपको अपने निकटवर्ती स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से जरुर संपर्क कर लेनी चाहिए। कोरोना वायरस क्या है, कोरोना वायरस क्या है

वुहान कोरोनावायरस (2019-nCoV) क्या है और कब पाया गया है?


वुहान कोरोनावायरस को सबसे पहले पहचाना गया था चीनी शहर वुहान में वह भी 2019 में। वहीँ इस वायरस से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढती ही जा रही है। सापों को इस वायरस के फैलने का मुख्य कारण माना जाता है।

गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (SARS-CoV) क्या और कब पाया गया है?


SARS को सबसे पहले पहचाना गया था एक अलग तनाव के तोर पर कोरोनावायरस की सन 2003 में। यह वायरस का स्रोत आज तक भी स्पष्ट नहीं पाया जा सका है, इसी वायरस से पीड़ित पहला मानव संक्रमण है। कोरोना वायरस क्या है

इस वायरस ने काफी खौफ पैदा किया था, आंकड़े के हिसाब से इसने करीब 8,000 लोगों को संक्रमित किया था। वहीँ इससे 26 देशों में लगभग 800 मौत के मामले सामने आये।

मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS-CoV) क्या है और कब पाया गया है?

MERS को सबसे पहले पहचाना गया था सऊदी अरब में सन 2012 में, जिसमें की लोगों में कुछ ऐसे लक्षण दिखाई दिए जैसे बुखार, खांसी, सांस की तकलीफ और कई मामलों में जठरांत्र संबंधी समस्याएं जैसे की दस्त भी। इस वायरस का असली स्रोत आज तक भी खोजा जा नहीं पाया गया है। इस वायरस से लगभग 2500 मामले पूरी तरह से दुनिभर में पाए गए, जिसमें 860 लोगों की मृत्यु सामने आई। कोरोना वायरस क्या है

2019 नोबेल कोरोनावायरस की ऊष्मायन अवधि कितनी बार होती है?


इस वायरस से पीड़ित लोगों में लक्षण लगभग 14 दिनों के भीतर ही दिखाई पड़ जाते हैं जब उनका शरीर इस वायरस के संपर्क में आता है।

2019 नोबेल कोरोनावायरस के पीड़ितों को कैसे निदान किया जाता है?


इस बीमारी की निदान थोड़ा मुश्किल हो सकता है, वही इसके लिए केवल एक शारीरिक परीक्षा करना पड़ता है। क्यूंकि इस नए कोरोनावायरस के हल्के मामलों में बहुत कुछ पता नहीं चलता है, वहीँ ये बस एक फ्लू या शर्दी खासी के तरह ही प्रतीत होता है। एक प्रयोगशाला परीक्षण से ही इसके निदान को पुष्टि की जाती है। कोरोना वायरस क्या है

2019 नोबेल कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों की इलाज कैसे की जाती है?

अभी के समय में इस नए कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों की कोई विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है। पीड़ितों को सहायक उपायों के साथ उपचार किया जाता है: जिनमें की इस प्रकार के लक्षण दिखाई पड़ते हैं।

क्या 2019 नोबेल कोरोनावायरस से जान जा सकती है?

अभी तक के समय में यानि की फरवरी 04, 2020 तक, लगभग 180 मौतों के मामलों सामने आ चुके की जो की इस वायरस से पीड़ित थे।

कोरोनावायरस से बचने के उपाय

कोरोना वायरस क्या है, ओर कोरोना वायरस से बचने के लिए क्या उपाय हैं
कोरोना वायरस क्या है, ओर कोरोना वायरस से बचने के लिए क्या उपाय हैं

वैसे तो अभी के समय में ऐसी कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है जिससे आप की खाको 2019-nCoV संक्रमण से बचा सकते हैं। ऐसे में बेहतर इसी में है की आप खुदको इस बीमारी से दूर रहें और इस वायरस के संपर्क में आने से दूर रहें।

सीडीसी (रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र) ने कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताया है, जिससे आप खुद को इस वायरस के संपर्क से दूर रख सकते हैं। चलिए कोरोनावायरस से बचाव के विषय में चर्चा करते हैं।

  • पने हाथों को अच्छे से साबुन और पानी से धोएं करीब 20 सेकंड तक ।हहीँ आपको ऐसे अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का इस्तमाल करना चाहिए जिसमें कम से कम 60% अल्कोहल मेह्जुद हो अगर आपके पास साबुन और पानी उपलब्ध न हो।
  • अपने नज़र, नाक और moun को बिना धुले हुए हाथों से न छुए।
  • पीड़ितों के करीबी संपर्क में आने से खुद को रोकना होगा।
  • यदि आप बीमार हैं तो ऐसे में घर पर ही रहें।
  • अपनी खांसी या छींक को एक ऊतक या रुमाल से ढकें, वहीँ ऊतक को कूड़ेदान में ही फेकें।
  • अक्सर छुए जाने वाले चीज़ों को साफ रखें।

ये कुछ ऐसी आदतें है जो की आपको इस वायरस के फैलने से रोकने में मदद करती है।

कोरोना वायरस का इलाज

तो फिर इस 2019-nCoV संक्रमण का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है। वहीँ जो भी लोग इस वायरस से पीड़ित हैं उन्हें सही अस्पतालों में भरती कर देनी चाहिए।

वहीँ जिन लोगों को लगता है की वो इस वायरस के संपर्क में आ चुके हैं उन्हें जल्द ही उनके निकटवर्ती स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से संपर्क करना होगा। – कोरोना वायरस क्या है

कोरोना प्रभाव क्या है?
मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख कोरोनावायरस क्या है (हिंदी में कोरोनावायरस क्या है) जरुर पसंद आई होगी। मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है कि पाठकों को कोरोनावायरस लक्षण के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाए जिससे उन्हें किसी दुसरे साइटों या इंटरनेट में उस लेख के सन्दर्भ में खोजने की आवश्यकता ही नहीं है।

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सारी जानकारी भी मिल जाएगी। यदि आपका मन में इस लेख को लेकर कोई संदेह है या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होना चाहिए तो इसके लिए आप नीच टिप्पणी लिख सकते हैं।

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